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  2016-09-17

कश्मीर घाटी के गुल जुनैद संभालेंगे बीजापुर में सुरक्षा व्यवस्था, भिड़ेंगे नक्सलियों से

OnlineCG Desk। कश्मीर घाटी के बारामूला के रहने वाले गुल जुनैद खान सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट बने हैं। गुरुवार को सीआरपीएफ में शामिल हुए 83 अफसरों में जुनैद भी हैं। जुनैद कश्मीर के उस इलाके से आते हैं, जहां आतंक चरम पर है। पत्थरबाज सीआरपीएफ को ही निशाना बनाते हैं। एक कदम भी चलना मुश्किल है। जुनैद खान अब छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों से मोर्चा लेंगे। इन मुश्किलों से निकलकर देश की सेवा करने के लिए वो उस सुरक्षा बल में शामिल हुए हैं जो सुरक्षा बल कश्मीर में पत्थरबाजों से दो-दो हाथ करते हैं। पासिंग आउट परेड के बाद बातचीत में जुनैद ने कहा ‘कश्मीर के युवाओं को ये संदेश देना चाहूंगा कि वो अपना टैलेेंट पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करें। वो चाहे तो आर्ट व क्राफ्ट की ओर बढ़ें और कश्मीर में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में बड़ी भूमिका निभाएं। मैं युवाओं को कहूंगा कि कश्मीर जिस शांति और सद्भाव के लिए जाना जाता है वो अब सामान्य हों। देश के सभी नागरिक मिलकर शांति बनाने में मदद करें।’

अलगाववादियों को लेकर जुनैद ने कहा ‘ये राजनीतिक सवाल है। इस पर राजनेता जवाब देंगे। पर मैं इस समय सीआरपीएफ में हूं और हमें जो बताया जाता है वो हम देश के लिए करते हैं। कश्मीर के लोग सेना में अफसर बन रहे हैं। घाटी में फैली अशांति पर मेरा मानना है हिंसा किसी भी चीज का हल नहीं है। मैं आज ये कहना चाहूंगा कि अगर वायरलैस से कुछ हल होता तो बहुत दिन पहले ही हो जाता। जो भी समाधान निकलना है बातचीत के जरिए ही आ पाएगा।’

उन्होंने कहा कि हमारी स्कूलिंग और पढ़ाई इस तरह से हो पाई कि हम आज इस अच्छी स्थिति में पहुंच पाए हैं। जब मैंने बारामूला से स्कूलिंग की थी, तब कुछ स्थिति सामान्य थी। शांतिपूर्वक पढ़ाई हुई पर अब ऐसा नहीं है। बारामूला के पहलीपुरा गांव के मूल निवासी जुनैद खान कहते हैं कि उनका सपना आईपीएस बनने का था पर आज सीआरपीएफ में शामिल होकर वो ही नहीं उनका परिवार भी गौरवान्वनित महसूस कर रहा है। पिता आबिद बैंक में मैनेजर हैं, जबकि मां मुनीरा बारामूला के गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। वहीं चाचा, राजा एजाज अली जम्मू एण्ड कश्मीर पुलिस आईजी के पद से रिटायर हुए हैं।

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