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OnlineIndia   2018-09-27

28 सितंबर को भारत बंद, देश के 7 करोड़ व्यापारी उतरेंगे सड़क पर

OnlineIndia डेस्क l देश में पहली बार अपने अधिकारों और कारोबार की सुरक्षा को लेकर 7 करोड़ व्यापारी मतदाता 28 सितंबर को भारत व्यापार बंद में शामिल होकर अपना रोजगार बंद रखेंगे। इसके विरोध स्वरूप किसी भी प्रकार का कोई कारोबार नही करेंगें। भारत व्यापार बंद का आह्वान वालमार्ट, फ्लिपकार्ट डील और रिटेल में विदेशी निवेश के खिलाफ कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने किया है।

व्यापारियों का दावा है कि वॉलमार्ट और अमेज़ॅन जैसे बहुराष्ट्रीय दिग्गजों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देकर सरकार छोटे व्यापारियों का प्रतिनिधित्व खत्‍म करना चाहती है। फेडरेशन का कहना है कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई आने से व्‍यापारियों और दुकानदारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। मौजूदा नियम वॉलमार्ट को भारत में काम करने की इजाजत नहीं देते हैं, लेकिन फ्लिपकार्ट में हिस्सेदारी खरीदने के बाद यह पिछले दरवाजे से बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि सीलिंग को रोकने के लिए अध्यादेश की मांग को लेकर 28 सितंबर को दिल्ली के बाजारों को बंद का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगातार हो रही सीलिंग और नौ महीने से सील हुई दुकानों की सीलिंग न खुलने के कारण व्यापारियों और कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को कैट द्वारा वालमार्ट करार व रिटेल में एफडीआइ के खिलाफ भारत व्यापार बंद की भी घोषणा की गई है। प्रवीन खंडेलवाल ने जारी बयान में दावा किया कि दिल्ली व्यापार बंद में विशेष रूप से कनाट प्लेस, चावड़ी बाजार, चांदनी चौक, भगीरथ पैलेस, सदर बाजार, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज, करोलबाग, कमला नगर, रोहिणी समेत साउथ एक्सटेंशन, ग्रीन पार्क, ग्रेटर कैलाश, कालकाजी समेत लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर समेत अन्य बाजार बंद रहेंगे। खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी लंबे समय से सीलिंग से त्रस्त हैं और मॉनिटरिंग कमेटी व नगर निगम कानून की अनदेखी करते हुए अपनी मनमर्जी के हिसाब से सीलिंग कर रही है, जिससे दिल्ली के व्यापारी परेशान हैं।

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