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Pooja Sharma   2018-08-11

12 साल में एक बार खिलते हैं ये फूल

OnlineIndia डेस्क। केरल में इडुक्की जिले का मुन्नार यूं तो एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन और जायकेदार चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस साल ये खास तरह के फूलों के कारण चर्चा में है। यहां 12 साल बाद फिर से नीलकुरिंजी के फूल खिल गए हैं जिसके कारण पूरी वादी नीली नजर आ रही है। यह वेस्टर्न घाट्स के शोला फॉरेस्ट में हर 12 साल में एक बार खिलता है फिर सूख जाता है। सूखने पर इसके बीज वहीं पर गिर जाते हैं और इसी से अगली पौध तैयार होने लगती है।
इडुक्की के प्रसिद्ध बागान मरिक्केडि में चाय और कॉफी की खुशबू हवा में तैरती है। नेदुम्कंदम हिल मसाले की भूमि के रूप में जानी जाती है। यहां काली मिर्च और इलायची की खेती की जाती है। मुन्नार से 15 किलोमीटर दूर इरविकुलम नेशनल पार्क प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ नीलगिरी बकरों के लिए मशहूर है।
यहां ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इस पार्क के पास में ही दक्षिण भारत की सबसे ऊंची अनामुड़ी पहाड़ी है। इसकी ऊंची 2700 मीटर है। हालांकि इस चोटी पर जाने के लिए आपको वाइल्ड लाइफ अथॉरिटी की अनुमति लेनी होगी।
इडुक्की में एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में मंगला देवी मंदिर शामिल है, जो समुद्र की सतह से 1337 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका निर्माण वदक्कमकूर राजा ने करया था। इडुक्की के थेकाडी में प्रसिद्ध पेरियार राष्ट्रीय उद्यान है। यहां के करिंजमाला अभ्यारण्य में कई दुर्लभ वनस्पतियां और वन्यजीव की प्रजातियां देखने को मिलती हैं।
इससे सटे क्षेत्र में चिनार वन्यजीव अभ्यारण्य, इंदिरा गांधी वन्यजीव अभ्यारण्य, आनामुड़ी शोला राष्ट्रीय उद्यान और पम्पदुम शोला राष्ट्रीय उद्यान हैं। दुनिया के हर कोने से लोग यहां नीलगिरि तहर, नीलगिरि जंगली कबूतर, गौर, बैंगनी फ्राग टाइगर, सफ़ेद विशालकाय गिलहरी, हाथी, सांभर हिरण और नीलकुरिंजी देखने आते हैं।
अगर आप पक्षियों की तरह-तरह की प्रजातियों को देखने के शौकीन है तो इडुक्की बेहतरीन विकल्प है। यहां ग्रे कलर के जंगली उल्लू, मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, गुलाब बिल्ड रोलर, लाल गले का बार्बर, क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल, ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल और फेयरी ब्लूबर्ड जैसे लुप्तप्राय पक्षियों को देख सकते हैं।

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