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  2016-03-10

दो हजार जवानों की तैनाती में पहुंचा 16 ट्रक राशन

दोरनापाल I छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 346 किमी दूर दंतेवाड़ा के पास जगरगुंडा के लोगों के लिए 6 महीने के राशन के इंतजाम के लिए बुधवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इसमें करीब दो हजार जवानों की मौजूदगी में राशन से लदे 16 ट्रकों को दोरनापाल से लेकर जगरगुंडा तक पहुंचाया गया। 52 किमी के सफर में लगा सवा 4 घंटे से ज्यादा का वक्त चारों ओर सिर्फ हथियार बंद जवान, जहां तक नजर जा रही है वहां तक सिर्फ बंदूकधारी जवान ही नजर आ रहे हैं। दोरनापाल से लेकर जगरगुंडा तक की करीब 52 किमी की सड़क को एक तरह से सील कर दिया गया। इस पूरे मार्ग पर परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं थी। करीब 2000 जवानों की मौजूदगी में राशन से लदे 16 ट्रकों को 52 किमी का सफर तय करने में 4 घंटे का समय लगा। सुबह 11 बजे दोरनापाल से राशन सहित 24 गाड़ियों का काफिला जगरगुंडा के लिए रवाना किया गया। इस काफिले के सामने 29 माेटर सायकलों में सवार ऑटोमेटिक बदूकों से लैस जवान चल रहे थे। रास्ते में पड़ने वाले करीब 11 थानों चौकियों में आमद दर्ज करवाने के बाद राशन से लदे ट्रक दोपहर करीब 3.10 बजे जगरगुंडा पहुंच गए।भारी सुरक्षा व्यवस्था के चलते रास्ते में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी। यह काफिला गुरूवार की सुबह जगरगुंडा से वापस दोरनापाल लौटेगा। राशन पहुंचाने के लिए काफिले को 52 किमी का सफर पूरा करना था, काफिले को रोकने लिए मार्ग में नक्सलियों द्वारा सड़क क्षतिग्रस्त किए जाने या फिर किसी गड्ढे में ट्रक फंस जाए तो उसे निकालने के लिए साथ में जेसीबी भेजी गई थी। इसके अलावा एक ट्रक में ईंट और तीन ट्रेक्टर भी साथ में गए, जो बैकअप के तौर पर चिंतागुफा में ही ठहर गए। सलवाजुडूम के दौरान दस साल पहले दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले में राहत शिविर खोले गए थे। उसमें से अकेला जगरगुंडा राहत शिविर ही बचा है, जहां 4 हजार लोगों को मुफ्त में राशन दिया जाता है। उस राहत शिविर के लिए ही 6 माह का राशन दोरनापाल से जगरगुंडा रवाना किया गया था।

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