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  2016-12-17

इस बार रविवि को ए-ग्रेड से ही संतुष्ट होना पड़ेगा

नैक ने दिया रविवि को ए-ग्रेड OnlineCG Education |  इस बार भी पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय नैक की टीम के पैमाने पर खरा नहीं उतर पाया। रविवि को नैक ने ए ग्रेड तो दिया है, लेकिन इस बार भी टॉप रैंक नहीं मिल सकी। इस बार मिली ग्रेडिंग पिछली बार की तुलना में बेहतर है लेकिन इस बार भी विश्वविद्यालय टॉप ग्रेड पाने में नाकाम रहा। टॉप ग्रेड को अब ए प्लस प्लस की श्रेणी में रखा गया है। रविवि इससे अभी भी दो ग्रेड कम है। पिछले दिनों नैक की टीम ने रविवि का दौरा किया और कुलपति को फटकार लगाई कि सिर्फ बिल्डिंग बना लेने से रैंक नहीं मिल जाता। रविवि को ए प्लस प्लस पाने के लिए 3.76 सीजीपीए लाना जरूरी था लेकिन नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) ने 3.02सीजीपीए दिया है। पिछली बार यूनिवर्सिटी को बी ग्रेड के साथ 2.62 सीजीपीए मिला था। नैक ने शुक्रवार को अपनी स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड की। इसमें रविवि के अलावा कई अन्य राज्यों के विवि को ए ग्रेड की श्रेणी में रखा गया है। शिक्षाविदों के मुताबिक फैकल्टी, छात्रों को दी जाने वालीसुविधाएं समेत अन्य मामलों में रविवि थोड़ा कमजोर रहा। इस वजह से नैक ने उसे ए ग्रेड के लायक ही माना। पांच साल पहले जब रविवि को बी ग्रेड मिला था उसके बाद से यूनिवर्सिटी में काफी सुधार किए गए। उसका नतीजा भी सामने आया और रिजल्ट बेहतर रहा। नैक ने कुछ महीने पहले ही ग्रेडिंग के सिस्टम बदलाव करते हुए ए ग्रेड को टॉप ग्रेड से हटाकर उसकी जगह ए प्लस प्लस को दिया। शिक्षाविदों का कहना है कि नैक ने बी ग्रेड को अपग्रेड कर ए तक माना है।  हालांकि ए ग्रेड पाने पर भी विश्वविद्यालय मान रहा है कि उसका अपग्रेडेशन हुआ है। वहीं आने वाले समय में विवि को ए प्लस प्लस लाने की उम्मीद है।

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